The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में नशे के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई। मामला तब गरमा गया जब भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में गांजा सेवन करने वालों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख से बढ़कर चार लाख तक पहुंच गई है। चंद्राकर ने पूछा कि यदि शासन व्यवस्था मजबूत है तो नशे की प्रवृत्ति में यह बढ़ोतरी कैसे हो रही है।
सत्ता पक्ष असहज, सदन में तेज हुई बहस
सत्तापक्ष के विधायक द्वारा उठाए गए सवालों से माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। बहस के दौरान यह प्रश्न प्रमुखता से उठा कि नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई का वास्तविक असर क्या है।
गृहमंत्री का जवाब
आरोपों के बीच गृह मंत्री विजय शर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस विभाग अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में कार्रवाई कर नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
हालांकि, सदन में यह सवाल बना रहा कि यदि अभियान प्रभावी है तो उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि क्यों दर्ज हो रही है।
राजनीतिक मायने
विधानसभा में उठी यह बहस सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और नशामुक्ति अभियानों की प्रभावशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या ठोस कदम उठाती है।
































