छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया ED के शिकंजे में, देर शाम हुई गिरफ्तारी

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The Duniyadari : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को पूरे दिन चली लंबी पूछताछ के बाद संध्या समय की गई।

सूत्रों के अनुसार, सौम्या चौरसिया को पहले ED की ओर से नोटिस जारी कर सुबह जोनल कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। दिनभर पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए। इसके बाद शाम होते-होते उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। ED उन्हें बुधवार को न्यायालय में पेश करेगी।

बताया जा रहा है कि यह मामला लगभग 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जड़ें तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल तक जाती हैं। इस प्रकरण में ED द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में सामने आया है कि शराब के कारोबार से जुड़े एक कथित सिंडिकेट ने बिक्री और लाइसेंसिंग व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं कीं।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, इस सिंडिकेट में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की प्रमुख भूमिका मानी जा रही है। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए शराब कारोबार से जुड़े नियमों को तोड़कर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई।

सूत्रों का कहना है कि सौम्या चौरसिया हाल के दिनों में बेंगलुरु में रह रही थीं। नोटिस मिलने के बाद वे जांच में शामिल होने रायपुर पहुंचीं। ED को संदेह है कि शासन के उच्च स्तर पर रहते हुए उन्होंने शराब लाइसेंस और वितरण से जुड़े मामलों में इस कथित सिंडिकेट को सहयोग पहुंचाया।

जांच एजेंसी फिलहाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। ED अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी अतिरिक्त खुलासे से परहेज किया जाएगा।

इस गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे पूर्व सरकार के अंदर फैले भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया है, वहीं कांग्रेस ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित करार दिया है।

मीडिया और सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी इस घोटाले की जांच में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में ED की आगे की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती है।