रायपुर । बलौदाबाजार जिले की कसडोल विधानसभा सीट से विधायक शकुंतला साहू एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। विधायक ने अपने पद का रौब दिखाते हुए तहसीलदार का तीन घंटे में ट्रांसफर करवाने की धमकी दी। विधायक के धमकी देने के ठीक दो घंटे बाद तहसीलदार का तबादला भी हो गया। बताया जा रहा है कि रेत के अवैध उत्खनन मामले में विधायक ने तहसीलदार को धमकी दी। पिछले दिनों पलारी तहसीलदार नीलमणि दुबे ने अवैध रेत उत्खनन मामले में कार्रवाई की थी। जिसमें बिना रायल्टी के अवैध रेत लेकर आ रहे वाहन भी शामिल थे। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जिन गाड़ियों को पकड़ा गया वह विधायक के करीबी की थी।
तहसीलदार ने आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई के बाद विधायक मैडम बहुत गुस्से में थीं। विधायक ने कहा कि तीन घंटे के भीतर ट्रांसफर करा दूंगी और उसके बाद दो-तीन घंटे में ट्रांसफर लेटर प्राप्त जारी हो गया। तहसीलदार ने बताया कि वह मोहान गांव में नदी के बहाव के कारण किसानों की जमीन का क्षरण मामले की जांच करने गए थे। जब वह वापस आ रहे थे तो रास्ते में एक रेत से भरी हाइवा दिखा। जब हाइवा की रॉयल्टी की जांच की गई तो उसमें अवैध रेत भरी थी। जिसे माइनिंग विभाग सुपुर्द कर दिया।
समर्थन में उतरे कर्मचारी
तहसीलदार ने बताया कि मामला 29 मार्च 2023 का है। कार्रवाई के बाद विधायक ने 3 घंटे में ट्रांसफर करने की धमकी दी। विधायक की धमकी के 2 घंटे बाद मेरा ट्रांसफर हो गया। इश इस मामले में को लेकर प्रदेश के सभी तहसीलदार लामबंद हो गए हैं। नाराज तहसील ऑफिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया है। इस हड़ताल का समर्थन वकील संघ ने भी किया है।













