The Duniyadari : इंदौर। महू में अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी का खूबसूरत अंत एक पारंपरिक हिंदू विवाह के रूप में सामने आया, जहाँ थाईलैंड की युवती ने भारतीय मूल के युवक के साथ सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की। विवाह दोनों परिवारों की सहमति और भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुआ।
दूल्हा–दुल्हन पिछले कई वर्षों से थाईलैंड में एक साथ काम करते थे। रोजमर्रा की मुलाकातों से शुरू हुआ साथ, धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदला और फिर प्यार की राह पर आगे बढ़ गया। दोनों ने अपने-अपने परिवारों को संबंध के बारे में बताया, और परिवारों के सहमत होते ही विवाह की तैयारियाँ शुरू हो गईं।
दुल्हन के पिता ने भारतीय विवाह परंपराओं की खूब सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कार उन्हें बेहद प्रभावित करते हैं। वहीं, दुल्हन की मां ने भी बेटी के सुहाग के लाल जोड़े, मेहंदी और मांग भरने की रस्म को देखकर अपनी भावनाएँ बड़े ही सहज रूप में साझा कीं।
दूल्हे जयंत ने बताया कि दोनों एक ही कंपनी में कार्यरत थे, जहाँ दुल्हन नारूएपक उनके असिस्टेंट के तौर पर काम करती थीं। लगभग दस साल साथ काम करने के बाद दोनों का रिश्ता मजबूत होता चला गया और अंततः उन्होंने विवाह करने का निर्णय लिया।
फिलहाल जयंत बैंकॉक में हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। नारूएपक भी भारतीय परंपराओं में रचे-बसे विवाह से बेहद खुश दिखीं। उन्होंने कहा कि भारतीय शादी में शामिल होना और इतने प्यार से स्वागत मिलना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा।











