दंतेवाड़ा के जंगलों में नक्सल साजिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने आईईडी डंप किया ध्वस्त

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The Duniyadari : दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को अहम कामयाबी मिली है। ग्राम गुफा के दुर्गम और पहाड़ी वन क्षेत्र में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटकों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।

यह कार्रवाई सीआरपीएफ की 195वीं वाहिनी के यंग प्लाटून, बम निरोधक दस्ते (BDDS) और बारसूर थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान पोलसेंट सीजी सेक्टर से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर संचालित किया गया।

पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में जिले में लगातार नक्सल गश्त और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 22 जनवरी को ग्राम गुफा के जंगलों में आईईडी लगाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद 27 जनवरी को तड़के 6 बजे से इलाके में डी-माइनिंग अभियान शुरू किया गया।

सघन तलाशी के दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखा गया विस्फोटक डंप चिन्हित किया गया। अभियान में सहायक कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में यंग प्लाटून/195 बटालियन, बम डिस्पोजल टीम और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहा, जबकि पूरे ऑपरेशन की कमान 195 बटालियन के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह ने संभाली।

मौके से एक डायरेक्शनल पाइप बम डेटोनेटर सहित तथा एक प्रेशर कुकर आधारित आईईडी बरामद किया गया। सभी विस्फोटकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया।

इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों को संभावित बड़े खतरे से बचा लिया गया है। प्रशासन ने इसे नक्सल नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।