The Duniyadari: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी में पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत सामने आई है. जिस पुलिस पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है. वही कानून की धज्जियां उड़ाती नजर आई. एक किसान के बेटे को अगवा कर उसके परिवार से दो लाख रुपए की मांग की गई. मामला उजागर होने पर चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और रिपोर्ट दर्ज की गई है.
दरअसल, फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में रहने वाले बलवीर नाम के युवक के घर पर बीते गुरुवार रात चौकी प्रभारी बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु पहुंचे. उन्होंने तलाशी के नाम पर घर का सामान इधर-उधर कर दिया और फिर बलवीर को जबरन उठाकर ले गए. उसे प्रबड़ फैक्टरी कॉलोनी के एक निजी मकान में बंधक बना लिया.
रिहाई के लिए मांगी गई रिश्वत
पुलिसकर्मियों ने बलवीर के परिवार से संपर्क कर कहा कि उनका बेटा स्मैक तस्करी में शामिल है. उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपए मांगे गए, लेकिन बलवीर के परिवारवालों को यह मंजूर नहीं था. उन्होंने तुरंत आईजी और एसएसपी बरेली को फोन करके पुलिसकर्मियों की करतूत बताई.
मामला सामने आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ हाईवे को जांच के लिए भेजा. जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो चौकी प्रभारी और दोनों सिपाही वहां से भाग गए. जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद चौकी प्रभारी बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु को निलंबित कर दिया गया और रिपोर्ट दर्ज की गई है. तीनों पुलिसकर्मी फिलहाल फरार हैं. एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं.
बरेली पुलिस पर लगा अपहरण और वसूली का आरोप
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है. चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों ने एक निर्दोष युवक को अगवा कर लिया और उसके परिवार से दो लाख रुपये की मांग की. मामला सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है.