The Duniyadari : रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने 29 जनवरी को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में किसान अब तक अपनी फसल नहीं बेच पाए हैं, इसलिए खरीदी की अंतिम तिथि को 28 फरवरी तक बढ़ाया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के अनुसार सरकार ने खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने की बात कही थी, लेकिन कई केंद्रों पर प्रक्रिया काफी देरी से शुरू हुई। कुछ जगहों पर 17–18 नवंबर तो कहीं 25 नवंबर के बाद खरीदी चालू हुई। अब सरकार द्वारा 29 जनवरी को खरीदी बंद करने की तैयारी से किसान मुश्किल में पड़ गए हैं, जबकि पहले 31 जनवरी तक खरीदी जारी रखने का आश्वासन दिया गया था।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अव्यवस्थित नीतियों के कारण करीब पांचवां हिस्सा किसान अब भी धान बेचने से वंचित है। कई किसानों को न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिल सके हैं। वहीं, टोकन मिलने के बाद भी रोजाना सीमित खरीदी के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रदेश संगठन मंत्री तेजेंद्र तोड़ेकर ने कहा कि अधिकांश किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है और अगर धान नहीं बिकता तो कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि धान खराब होने के नाम पर भारी गड़बड़ी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने धमतरी और महासमुंद के उदाहरण देते हुए कहा कि रकबा सत्यापन और धान जब्ती की कार्रवाई से किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने मांग की कि रकबा समर्पण और भौतिक सत्यापन के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को तुरंत रोका जाए और धान खरीदी की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।















