The Duniyadari : पखांजूर (कांकेर)। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी रखने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में धान खरीदी से जुड़े कार्यों में गंभीर अनियमितता सामने आने पर एसडीएम पखांजूर ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारी धान खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात थे।
बिना मौके पर पहुंचे हुआ टोकन सत्यापन
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि चारगांव और उदनपुर धान खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखते हुए बिना स्थल निरीक्षण और बिना भौतिक सत्यापन किए ही धान टोकन का सत्यापन कर दिया। इतना ही नहीं, समिति में रखे पुराने बोरों के स्टॉक की तस्वीरें अपलोड कर दी गईं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में
- आशीष पवार, हल्का पटवारी (हल्का नंबर 03-चारगांव), जो चारगांव खरीदी केंद्र के नोडल अधिकारी थे।
- आकाश कश्यप, हल्का पटवारी (हल्का नंबर 06-केसेकोड़ी), जिन्हें उदनपुर खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
आईडी साझा कर कराई गईं प्रविष्टियां
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों पटवारियों ने अपनी शासकीय आईडी अन्य व्यक्तियों को देकर धान खरीदी से संबंधित प्रविष्टियां कराईं। यह आचरण सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और धान खरीदी नीति वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के विपरीत है, जिसे गंभीर कदाचार माना गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई
धान खरीदी कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक प्रभार सौंप दिए हैं। चारगांव केंद्र का अतिरिक्त दायित्व पटवारी सतीश कुमार को तथा केसेकोड़ी केंद्र का अतिरिक्त प्रभार पटवारी अशोक कुमार दीपक को दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान दोनों पटवारियों का मुख्यालय तहसील कार्यालय पखांजूर (कानून-गो शाखा) निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप मच गया है और स्पष्ट संदेश गया है कि अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















