धान खरीदी शुरू होने से पहले कर्मचारी हड़ताल पर पांच संभागों में विरोध तेज, खरीदी व्यवस्था पर संकट

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The Duniyadari : महासमुंद। प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है, लेकिन उससे ठीक पहले सहकारी समिति कर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने काम बंद करने का ऐलान कर दिया है। पांच संभागों के सैकड़ों कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे खरीदी व्यवस्था की तैयारी और गति दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

महासमुंद के लोहिया चौक में महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और गरियाबंद जिले के कर्मचारी एकजुट होकर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार से अपनी मांगें शीघ्र मानने की अपील की और विरोध में नारे लगाए।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

1️⃣ पिछले दो वर्षों की धान खरीदी की संपूर्ण सुखद राशि समितियों को प्रदान की जाए।

2️⃣ धान परिवहन में देरी रोकने के लिए हर सप्ताह नियमित रूप से पूरा परिवहन सुनिश्चित किया जाए।

3️⃣ शॉर्टेज, प्रोत्साहन, कमीशन और सुरक्षा व्यय बढ़ाया जाए, साथ ही उचित मूल्य विक्रेताओं को मध्यप्रदेश की तरह 3,000 रुपए मासिक मानदेय मिले।

4️⃣ धान खरीदी नीति 2024-25 की व्यवस्था में संशोधन कर आउटसोर्स ऑपरेटरों को समाप्त कर विभागीय रूप से नियमित नियुक्ति दी जाए।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

15 नवंबर से धान खरीदी

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार ने पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर लेने का निर्णय किया है। प्रशासन का दावा है कि भुगतान और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की तैयारियां चल रही हैं। पिछले सत्र में राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से रिकॉर्ड धान खरीदा गया था।