धान खरीदी संकट से आहत आदिवासी किसान, आत्महत्या के प्रयास के बाद कलेक्ट्रेट में ‘कफन’ प्रदर्शन

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The Duniyadari कोरबा (छत्तीसगढ़), 12 जनवरी 2026: कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में एक आदिवासी किसान सुमेर सिंह (56) ने कीटनाशक पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें धान बेचने के लिए आवश्यक “टोकन” नहीं मिल पाया, जिससे वे अपने खेत का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में असमर्थ रहे।

  • सुमेर सिंह के परिवार के मुताबिक, उन्होंने लगभग डेढ़ महीने से धान बेचने के लिए टोकन पाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों और सिस्टम में समस्याओं के कारण टोकन जारी नहीं हो सका।  
  • उनके पास लगभग 68 क्विंटल धान फसल है, जो अभी तक बिक नहीं पाया।  
  • किसान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे तकनीकी प्रक्रियाओं में और कठिनाइयाँ आईं।  
  • उन्हें पहले हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र, फिर जिला अस्पताल कोरबा ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।  

पिछला मामला:

पिछले महीने महासमुंद जिले में भी एक 65 वर्षीय किसान ने इसी तरह के टोकन न मिलने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया था। 

युवा कांग्रेस और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोरबा कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया ताकि सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया जा सके।

प्रदर्शन में लोगों ने सफेद कपड़ा ओढ़कर जमीन पर लेटने का प्रदर्शन किया, ताकि किसानों की दुर्दशा और “कफन की कीमत” जैसे मुद्दों का प्रतीकात्मक रूप से ध्यान खींचा जा सके।