The Duniyadari : NGT आदेश की अवहेलना का गंभीर आरोप: BALCO पर ‘Fraud on Tribunal’ और अवमानना की कार्रवाई की मांग
कोरबा | 18 दिसंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), प्रधान पीठ, नई दिल्ली के स्पष्ट, अंतिम और बाध्यकारी आदेश की कथित रूप से जानबूझकर अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि बालको (BALCO) ने असत्य घोषणा के आधार पर Consent to Establish (CTE) और Consent to Operate (CTO) प्राप्त कर NGT को गुमराह किया, जो विधि की दृष्टि में ‘Fraud on Tribunal’ तथा जानबूझकर अवमानना (Wilful Disobedience) के समान है।



NGT का स्पष्ट और अनिवार्य आदेश
जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि माननीय NGT ने अपने आदेश दिनांक 14 नवंबर 2022 के अनुच्छेद 20 में स्पष्ट निर्देश दिया था कि नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (Town & Country Planning) तथा नगर पालिक निगम की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी स्थिति में CTE/CTO जारी नहीं की जा सकती। यह निर्देश अनिवार्य है, न कि विवेकाधीन।
तथ्य दमन और असत्य घोषणा का आरोप
आरोप है कि BALCO ने अधिकरण के समक्ष यह घोषणा की कि सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त हैं, जबकि अभिलेखों के अनुसार—
- नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की अनुमति: 24 नवंबर 2023
- नगर पालिक निगम, कोरबा की भवन अनुमति: 13 फरवरी 2024
ये दोनों अनुमतियां NGT के आदेश के काफी बाद प्राप्त हुईं। आदेश की तिथि पर कोई भी वैध अनुमति अस्तित्व में नहीं थी। इसके बावजूद CTE/CTO प्राप्त करना सचेत, योजनाबद्ध और दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताया गया है।
विधिक आधार: Fraud और Contempt
जयसिंह अग्रवाल ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख निर्णयों का हवाला देते हुए कहा—
- S.P. Chengalvaraya Naidu बनाम जगन्नाथ (1994): धोखाधड़ी से प्राप्त आदेश शून्य होता है।
- A.V. Papayya Sastry बनाम आंध्र प्रदेश सरकार (2007): महत्वपूर्ण तथ्यों का दमन स्वयं में धोखाधड़ी है।
- DDA बनाम Skipper Construction (1996): जानबूझकर अवज्ञा न्यायालय/अधिकरण की अधिकारिता को कमजोर करती है।
इन निर्णयों के आलोक में BALCO का कृत्य स्पष्ट रूप से Fraud on Tribunal और Wilful Disobedience की श्रेणी में आता है।
Red Category उद्योग और पर्यावरणीय जोखिम
उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम स्मेल्टर/प्रोसेसिंग उद्योग Red Category (अत्यधिक प्रदूषणकारी) में आता है, जिसका Pollution Index लगभग 99 है। ऐसे उद्योगों के लिए भूमि उपयोग और भवन की पूर्व अनुमति कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा की मूल शर्त है। Red Category मामलों में Ex post facto अनुमतियां वैध नहीं मानी जा सकतीं, जो CPCB की Industrial Siting Policy, Precautionary Principle और Environmental Rule of Law का उल्लंघन है।
दूरगामी प्रभाव और चेतावनी
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यदि NGT जैसे संवैधानिक अधिकरण के आदेशों की अवहेलना पर कठोर और निवारक कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे Rule of Law और पर्यावरणीय शासन दोनों कमजोर होंगे तथा गलत परंपरा स्थापित होगी।
जनहित में प्रमुख मांगें
- BALCO को जारी CTE/CTO को प्रारंभ से शून्य (Void ab initio) घोषित किया जाए।
- यह घोषित किया जाए कि अनुमतियां Fraud on Tribunal के माध्यम से प्राप्त की गईं।
- कृत्य को NGT आदेश की जानबूझकर अवमानना माना जाए।
- संबंधित अधिकारियों और प्राधिकरणों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
- पर्यावरणीय कानूनों और NGT आदेशों की अवहेलना पर कठोर, दंडात्मक और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।





























