The Duniyadari: रायगढ़- जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों सहित विभिन्न शाखा प्रमुखों की विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण, लंबित प्रकरणों की प्रगति, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा कम्युनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की शुरुआत में एसएसपी ने पुलिस कार्यालय की सभी शाखाओं के लंबित कार्यों और वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशों की समीक्षा की। इस दौरान जिले में चल रहे निर्माण कार्य, ऑनलाइन पोर्टलों में एंट्री, लंबित शिकायतों और न्यायालयीन मामलों की स्थिति पर चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को समय सीमा तय करते हुए लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अपराध समीक्षा के दौरान तीन महीने से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए एसएसपी ने 20 से अधिक लंबित शिकायत रखने वाले थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग को बढ़ाने, मेडिकल रिपोर्ट की शीघ्र उपलब्धता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।
एसएसपी ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अवैध कबाड़ जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। घरेलू विवाद और जमीन संबंधी मामलों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बीट प्रणाली को सक्रिय करने और प्रत्येक गांव में बीट आरक्षक की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा थाना आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की शिकायत स्वयं थाना प्रभारी द्वारा सुनने तथा संतोषजनक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही शिकायतकर्ताओं से ऑनलाइन अनुभव फीडबैक लेने की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया, ताकि पुलिस कार्यों का मूल्यांकन किया जा सके।
जिले में वीवीआईपी आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने, ढाबा और होटलों में अवैध शराब बिक्री रोकने तथा ऑनलाइन-ऑफलाइन सट्टा, गुंडागर्दी और चाकूबाजी जैसे अपराधों पर सख्ती बरतने को कहा गया।
बैठक में ट्रैफिक डीएसपी द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिले के 26 स्थानों को दुर्घटना संभावित मानते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने को प्राथमिकता बताया।
अंत में विभिन्न पुलिस अभियानों की थाना-वार समीक्षा की गई। मार्च माह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना चक्रधरनगर और कोतवाली को सराहना दी गई। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों में अनुशासन बनाए रखने और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।















