Monday, April 6, 2026
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प्रधानमंत्री के नाम पर 4 लाख की फिरौती मांगने वाले दो गिरफ्तार, फर्जी पत्र बनाकर रच रहे थे साजिश

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The Duniyadari: मुंबई में मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र के जरिए 4 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों गोरेगांव (पश्चिम) स्थित शास्त्री नगर के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने एक सामाजिक संस्था चलाने वाली महिला को निशाना बनाया, जो “मेगा श्रेया” नाम से एनजीओ संचालित करती हैं और वंचित बच्चों व वृद्धाश्रमों के लिए काम करती हैं।

शिकायत के अनुसार, महिला की मुलाकात 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान आरोपियों से हुई थी। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताते हुए संपर्क बनाए रखा। 18 मार्च को तौसीफ ने व्हाट्सएप वॉयस नोट भेजकर प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई पत्र दिलाने का दावा किया और इसके बदले रकम की मांग की। महिला ने शुरुआत में इसे नजरअंदाज किया, लेकिन आरोपियों ने 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग करते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया।

कुछ दिनों बाद आरोपियों ने प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षर वाला बधाई पत्र भेजा, जिसमें महिला के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की गई थी। महिला ने इसे सोशल मीडिया पर साझा भी किया, लेकिन बाद में पत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठने पर पोस्ट हटा दी। इसके बाद आरोपियों ने धमकियां देना शुरू कर दिया और महिला के नाम से फर्जी ईमेल आईडी भी तैयार कर ली।

मामले से परेशान होकर महिला ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया, जहां उन्होंने फिर से 4 लाख रुपये की मांग दोहराई और प्रधानमंत्री कार्यालय में संपर्क होने का दावा किया। इसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने जाल बिछाकर वर्ली सी फेस के एक होटल में आरोपियों को पैसे लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों के पास से फर्जी बधाई पत्र, खिलौना नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही फर्जी हस्ताक्षर और लेटरहेड तैयार करने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरणों की भी जांच जारी है।