बजट सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति तय जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का ऐलान, धान खरीदी और वोट कटने का मामला उठेगा

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The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले सोमवार शाम कांग्रेस भवन में कांग्रेस विधायक दल की लंबी बैठक हुई। इस बैठक में विपक्ष की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि पार्टी ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की योजना बनाई है। उन्होंने दावा किया कि यह साय सरकार का तीसरा बजट है और यह आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामले पर जब विषय न्यायालय में विचाराधीन है, तब सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करेगी। महंत ने सत्र में शामिल होने की अनुमति देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार जताया।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर सवाल

कांग्रेस ने नक्सल प्रभावित इलाकों को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी का कहना है कि यदि सुरक्षा अभियान के बाद हालात सामान्य होते हैं, तो वहां विकास की जिम्मेदारी किसकी होगी — सरकार की या निजी उद्योगपतियों की। इस मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक रणनीति तैयार की जा रही है।

धान खरीदी और वोट कटने का मुद्दा उठेगा

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस बार धान खरीदी व्यवस्था में भारी अव्यवस्था और लापरवाही देखने को मिली। कांग्रेस इस विषय को सदन में प्रमुखता से उठाएगी। साथ ही SIR के तहत मतदाता सूची में नाम कटने के मामलों को भी उठाने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर लक्षित तरीके से वोट काटे गए हैं।

23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा बजट सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक प्रस्तावित है। 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह साय सरकार का तीसरा बजट होगा।

सत्र के लिए कुल 15 बैठकें निर्धारित की गई हैं। इस दौरान तीन प्रमुख विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 प्रमुख है। प्रस्तावित विधेयक में 1968 के पुराने कानून में संशोधन कर जबरन मतांतरण पर कड़ी सजा का प्रावधान करने की बात कही गई है।

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, सत्र के लिए 2,813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1,437 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 112 याचिकाओं पर भी चर्चा प्रस्तावित है।