बस्तर में नक्सलियों पर शिकंजा: 6 साल में 989 हथियार बरामद, 4,340 ने किया सरेंडर

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The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में सुरक्षा बलों ने बीते छह वर्षों के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 989 हथियार नक्सलियों से बरामद किए गए हैं।

आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और मुठभेड़ों का आंकड़ा

गृहमंत्री के मुताबिक, इस अवधि में सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई और पुनर्वास नीति के चलते बड़ी संख्या में नक्सलियों ने मुख्यधारा की राह पकड़ी।

  • 4,340 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
  • 3,644 नक्सली गिरफ्तार किए गए
  • 666 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए

कार्रवाई के दौरान हथियारों की बरामदगी भी लगातार जारी रही।

  • मुठभेड़ों के बाद 671 हथियार मिले
  • गिरफ्तार नक्सलियों से 80 हथियार जब्त हुए
  • आत्मसमर्पण करने वालों से 238 हथियार जमा कराए गए

कौन-कौन से हथियार हुए बरामद

बरामद 989 हथियारों में आधुनिक और घातक हथियार शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • 70 एके-47 राइफल
  • 82 एसएलआर
  • 75 इंसास राइफल
  • अन्य अत्याधुनिक हथियार
  1. सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियार
  2. विधानसभा में यह भी बताया गया कि 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2026 के बीच नक्सलियों ने सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे। इनमें 29 एके-47, 7 इंसास, 2 एसएलआर, 1 एलएमजी और 3 नौ एमएम पिस्तौल शामिल हैं।
  3. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने वर्ष 2019-20 से 31 जनवरी 2026 तक नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों का विस्तृत ब्यौरा मांगा था, जिसके जवाब में यह जानकारी सदन में प्रस्तुत की गई।

विधानसभा में रखे गए आंकड़े संकेत देते हैं कि बस्तर में चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों से न केवल हथियारों की बड़ी बरामदगी हुई है, बल्कि नक्सली संगठन की ताकत पर भी असर पड़ा है।