The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन प्रश्नकाल के दौरान बस्तर संभाग में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने क्षेत्र में कई केंद्रों के भवनविहीन और जर्जर हालत में संचालित होने पर चिंता जताते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
विधायक बघेल ने सरकार से पूछा कि बस्तर संभाग के जिलों में वर्तमान में कुल कितने आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इनमें से कितने केंद्र अपने भवन में चल रहे हैं, कितने भवन के बिना संचालित हो रहे हैं और कितने भवन जर्जर स्थिति में हैं। इसके अलावा उन्होंने पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी भी मांगी।
इस पर जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बस्तर संभाग में कुल 9,876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि यहां एक भी मिनी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। उन्होंने बताया कि संचालित केंद्रों में से 7,667 केंद्र भवनयुक्त हैं, जबकि 2,209 केंद्र बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। वहीं 962 केंद्रों के भवन जर्जर हालत में हैं।
मंत्री ने आगे बताया कि कुल आंगनबाड़ी केंद्रों में से 6,431 केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 5,632 केंद्रों में शौचालय की व्यवस्था है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, वहां चरणबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्था पूरी की जाएगी।















