Wednesday, March 11, 2026
Home बिलासपुर बिलासपुर का हाई-प्रोफाइल केस: घर में घुसकर तोड़फोड़ करने वाले तीन आरोपी...

बिलासपुर का हाई-प्रोफाइल केस: घर में घुसकर तोड़फोड़ करने वाले तीन आरोपी पुलिस के हत्थे

35

The Duniyadari : बिलासपुर। छह महीने पुराने जबरन घुसपैठ और तोड़फोड़ के मामले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार देर शाम पुलिस टीम ने जसबीर सिंह, यश तिवारी और सुदीप डे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। वहीं चौथे आरोपी उत्कर्ष श्रीवास्तव को कानूनी प्रावधानों के आधार पर नोटिस देते हुए रिहा किया गया है। मामला 23 फरवरी 2025 को घटित हुआ था, जिसकी शिकायत जी. श्रीनिवास राव ने दर्ज कराई थी।

रजिस्ट्री विवाद से शुरू हुआ विवाद

पीड़ित श्रीनिवास राव के अनुसार, आरोपी जसबीर सिंह द्वारा कथित रूप से धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली गई थी। यह विवाद इस समय न्यायालय में विचाराधीन है।

घटना वाले दिन—23 फरवरी—जसबीर अपने साथियों सुदीप डे, यश तिवारी और उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ प्रार्थी के घर पहुंचा और जबरन भीतर घुस गया। आरोप है कि सभी ने घर खाली करवाने का दबाव बनाया, गाली-गलौज की, सामान तोड़ा और परिवार को धमकाया।

घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।

छह महीने की तलाश के बाद मिली लोकेशन

सरकंडा पुलिस ने छह महीने तक लगातार आरोपियों की खोजबीन की। विभिन्न इलाकों में दबिश दी जाती रही।

25 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी फिर से राजकिशोर नगर क्षेत्र में देखे गए हैं। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर एएसपी राजेंद्र जायसवाल, सीएसपी निमितेश सिंह और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य की नेतृत्व में टीम बनाई गई।

टीम ने इलाके में घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाकर तीनों आरोपी—जसबीर सिंह, यश तिवारी और सुदीप डे—को पकड़ लिया।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर एक आरोपी को राहत

उत्कर्ष श्रीवास्तव से पूछताछ में पता चला कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही वह फरार रहने की स्थिति में था। इस आधार पर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के Arnesh Kumar vs State of Bihar मामले में दिए गए निर्देशों के अनुसार धारा 41A के तहत नोटिस देकर उसे रिहा कर दिया।

गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया

मंगलवार को तीनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत कर दिया गया। आगे की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी।

सरकंडा पुलिस का कहना है कि मकान विवाद, जबरन घुसपैठ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पीड़ित परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की गई है।