Friday, March 13, 2026
Home Breaking महाकुंभ में कल आस्था की डुबकी लगाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लागू रहेंगी...

महाकुंभ में कल आस्था की डुबकी लगाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लागू रहेंगी ये पाबंदियां…

139

The Duniyadari: महाकुंभ में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. इसी बीच देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल प्रयागराज के संगम नोज पर पवित्र स्नान करने आ रही हैं. राष्ट्रपति महाकुंभ में करीब पांच घंटे बिताएंगी और इस दौरान वे अक्षयवट एवं बड़े हनुमान मंदिर में भी पूजा-अर्चना करेंगी.

उनकी यात्रा को लेकर प्रयागराज मेला प्राधिकरण, जिला पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. उनके आगमन के मद्देनजर महाकुंभ क्षेत्र में वाहनों के आवागमन और नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है.

राष्ट्रपति मुर्मू कल सुबह 11 बजे प्रयागराज के बमरौली हवाई अड्डे पर पहुंचेंगी. वहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए अरैल क्षेत्र के डीपीएस हेलीपैड पहुंचेंगी. इसके बाद वे कार से अरैल वीवीआईपी जेटी जाएंगी और वहां से निशादराज क्रूज के माध्यम से संगम तट तक जाएंगी.

दोपहर करीब 12 बजे वे संगम में पवित्र स्नान करेंगी. इसके बाद वे गंगा पूजन और आरती करेंगी. सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति की उपस्थिति में संगम क्षेत्र और आसपास के प्रमुख घाटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. हालांकि, बाकी घाटों पर आम श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे.

महाकुंभ क्षेत्र में लागू होंगे यातायात प्रतिबंध

राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा को देखते हुए प्रयागराज प्रशासन ने कई पाबंदियां लागू की हैं. अरैल, संगम, किले और बड़े हनुमान मंदिर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा. संगम क्षेत्र में नावों का संचालन भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति के संगम से लौटने के बाद ही नावों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी से लगे हुए हैं.

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर

राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. सुरक्षा के लिहाज से संगम क्षेत्र में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जाएगी. जल पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में रहेंगी.

इसके अलावा, राष्ट्रपति की आवाजाही के दौरान हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी. महाकुंभ में राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा आस्था और परंपरा का एक महत्वपूर्ण क्षण होगी, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.