मूलभूत सुविधाओं को लेकर उबाल, 200 से ज्यादा ग्रामीणों ने NH-130C किया जाम

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The Duniyadari : गरियाबंद जिले के उदंती–सीता नदी अभ्यारण्य क्षेत्र में बसे साहेबीन कछार गांव के ग्रामीणों का सब्र मंगलवार को टूट गया। शिक्षा, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की लंबे समय से अनदेखी से नाराज करीब 200 से अधिक ग्रामीण सड़क पर उतर आए और नेशनल हाईवे-130C पर चक्का जाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ग्रामीणों का यह आंदोलन ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम के नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन ही मिलते रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। इसी वजह से अब वे मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

सूचना मिलते ही इंदागांव पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस बार वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

इन मांगों को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण

ग्रामीण कुल आठ प्रमुख मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इनमें बम्हनीझोला से उड़ीसा सीमा तक पक्की सड़क निर्माण, साहेबीन कछार में आदिवासी कन्या छात्रावास और स्कूल को मूल स्थान पर पुनः संचालित करने, बिजली विहीन गांवों में शीघ्र विद्युतीकरण, अधूरे स्कूल भवनों को पूरा करने, माध्यमिक शाला में अनुपस्थित शिक्षक को पदस्थ करने, जियो टॉवर को चालू करने, उप-स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व नल-जल सुविधा बहाल करने और अधूरी नल-जल योजनाओं को फिर से शुरू करने की मांग शामिल है।

ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में प्रशासन के हर स्तर पर अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। इसी उपेक्षा से आहत होकर अब ग्रामीणों ने सड़क जाम का रास्ता चुना है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, हाईवे जाम के चलते आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।