The Duniyadari: रायगढ़ में आगामी रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि जिले में त्योहारों की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से रही है, जिसे हर हाल में बनाए रखना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रामनवमी पर निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, खासकर नटवर स्कूल से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित मार्ग पर विशेष सतर्कता रखी जाए।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है, ताकि बिजली तारों से किसी प्रकार का खतरा न हो। इसके साथ ही सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कलेक्टर ने बिजली, स्वास्थ्य, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सभी जुलूस तय रूट और समय के अनुसार ही निकलेंगे। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती पर जोर दिया और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, पेट्रोलिंग और कंट्रोल रूम से निगरानी की बात कही।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पारंपरिक रूप से जुलूस में धार्मिक मर्यादा के तहत सीमित रूप में अस्त्र-शस्त्र रखने की अनुमति रहेगी, लेकिन इसका दुरुपयोग या सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सोशल मीडिया को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों पर साइबर टीम की नजर रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मौजूद समाज प्रमुखों और आयोजन समितियों ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिलाया। कुल मिलाकर, प्रशासन का लक्ष्य है कि रायगढ़ में रामनवमी का पर्व पूरी श्रद्धा, सुरक्षा और सौहार्द के साथ संपन्न हो।















