The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में खेतों के भीतर अफीम के पौधे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के तीन अलग-अलग खेतों में अफीम उगाई जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, साधुराम नागवंशी ने करीब 10 डिसमिल जमीन पर, जगतराम ने लगभग 2 डिसमिल और अभिमन्यु नाग ने करीब 15 डिसमिल जमीन में अफीम के पौधे लगाए थे।
इस खुलासे के बाद यह आशंका गहराने लगी है कि इलाके में अवैध अफीम खेती का संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कार्रवाई
रायगढ़ में यह एक सप्ताह के भीतर दूसरा मामला है, जो साफ इशारा करता है कि इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियां तेजी से फैल रही हैं। इससे पहले भी जिले सहित दुर्ग, बलरामपुर और बिलासपुर में अफीम की खेती पकड़ी जा चुकी है।
जांच तेज, पौधे होंगे जब्त
पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र की जांच करेगी और अवैध फसल को जब्त कर नष्ट किया जाएगा। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस खेती के पीछे कौन लोग जुड़े हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई तय
लगातार हो रहे खुलासों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खेती करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीति भी गर्माई
मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपने चुनाव चिन्ह ‘कमल’ की जगह ‘अफीम का फूल’ कर लेना चाहिए। इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।
कुल मिलाकर, रायगढ़ में बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले यह संकेत दे रहे हैं कि अवैध अफीम खेती पर लगाम लगाने के लिए अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।















