रायगढ़ में बाइक चोरी का संगठित रैकेट बेनकाब, 25 दोपहिया वाहन और फर्जी दस्तावेज बनाने का पूरा नेटवर्क उजागर

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The Duniyadari : रायगढ़। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ पुलिस ने बाइक चोरी कर फर्जी कागजात के सहारे बाजार में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य चोर समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का एक सदस्य पहले से ही जेल में बंद है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 चोरी की मोटरसाइकिलें, एक एप्पल लैपटॉप और एक कलर प्रिंटर जब्त किया है।

पुलिस अधीक्षक द्वारा संपत्ति से जुड़े अपराधों पर सख्ती के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पूंजीपथरा थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो चोरी की बाइक के साथ एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ में मामला धीरे-धीरे बड़े नेटवर्क तक पहुंच गया।

जांच में सामने आया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को वैध दिखाने के लिए फर्जी आरसी और रजिस्ट्रेशन तैयार किए जाते थे। इसके लिए ऑटो डीलर से जुड़े कुछ कर्मचारी, लोक सेवा केंद्र के ऑपरेटर और एक शातिर बाइक चोर आपस में मिलकर काम कर रहे थे। चोरी की बाइक के चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक की जानकारी निकाली जाती थी और उसी डेटा में हेरफेर कर नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि खरीदारों को शक न हो।

मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ के विभिन्न इलाकों से दर्जनों बाइक चोरी की थीं। पकड़े जाने के डर से उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का रास्ता अपनाया और डीलरों के माध्यम से इन बाइकों को खपाया गया।

पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को तोड़ते हुए चोरी की गई सभी 25 बाइक बरामद कर ली हैं। साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस खुलासे के बाद रायगढ़ जिले में बाइक चोरी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन बिक्री करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।