The Duniyadari : रायपुर। राजधानी में DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहा विवाद अब पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई है और प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है। विवाद की जड़ में आपसी लेन-देन से जुड़ी शिकायत बताई जा रही है, जिसे लेकर कारोबारी दीपक टंडन ने पंडरी थाने में आवेदन दिया था।
सूत्रों के अनुसार, पहले दीपक टंडन ने अपनी पत्नी बरखा टंडन के साथ पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखा। इसके बाद DSP कल्पना वर्मा को भी बयान दर्ज कराने के लिए रायपुर SSP कार्यालय बुलाया गया। वह अपने परिजनों—भाई राकेश वर्मा और पिता हेमंत वर्मा—के साथ कार्यालय पहुंचीं।
SSP कार्यालय में DSP कल्पना वर्मा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके बयान के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम को निष्पक्ष रूप से समझना है।
इस प्रकरण की जांच का जिम्मा रायपुर ASP कीर्तन राठौर को सौंपा गया है। उनकी अगुवाई में जांच टीम दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध सबूतों का गहन विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों से संकेत मिलते हैं कि मामले में कई कानूनी और प्रशासनिक पहलू जुड़े हुए हैं, जिनका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से ही संभव है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी बयानों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट रायपुर रेंज के IG को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई, जैसे FIR दर्ज करने या अन्य कदम उठाने का निर्णय लिया जाएगा।
मामले ने पुलिस और प्रशासनिक हलकों में भी खासा ध्यान खींचा है। उच्च स्तर से निगरानी में चल रही जांच को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और कानून के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। ASP कीर्तन राठौर ने दोहराया कि जांच में किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होगा और सभी से समान व्यवहार किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जनता और मीडिया से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है और अफवाहों से बचना जरूरी है।
DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच का यह विवाद अब केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके कानूनी और प्रशासनिक निहितार्थ भी सामने आ रहे हैं। जांच पूरी होने और IG को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों से जांच में सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा जताई है और यह संदेश दिया है कि कानून सभी के लिए समान है।














