रायपुर सेंट्रल जेल में आदिवासी नेता की संदिग्ध मौत पर कांकेर में उबाल, NH-30 बंद – न्यायिक जांच शुरू

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The Duniyadari : कांकेर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत ने पूरे कांकेर जिले का माहौल तनावपूर्ण कर दिया है। घटना के विरोध में आदिवासी समाज चारामा में नेशनल हाईवे-30 पर थाना के सामने चक्काजाम कर रहा है और दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार ने अब तक शव लेने से इंकार कर दिया है।

लगातार बढ़ते विरोध के बीच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं विवाद गहराते देख जेल महानिरीक्षक ने कांकेर जिला जेल के जेलर को पद से हटा दिया है।

🔸 परिवार और समाज का आरोप – “बिना बताए जेल बदली, तबीयत बिगड़ने की सूचना भी छिपाई”

परिजनों का कहना है कि जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर को जमीन विवाद में गिरफ्तार कर कांकेर जेल में रखा गया था। लेकिन 2 दिसंबर को बिना किसी सूचना के उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

परिवार का आरोप है कि:

  • ट्रांसफर की जानकारी नहीं दी गई
  • तबीयत बिगड़ने की खबर छिपाई गई
  • अस्पताल में भर्ती होने की सूचना भी नहीं दी गई

जानकारी के मुताबिक जीवन ठाकुर को 4 दिसंबर की सुबह 4:20 बजे मेकाहारा अस्पताल में भर्ती किया गया और 7:45 बजे उनकी मौत हो गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवार को इस गंभीर घटना की सूचना शाम 5 बजे दी गई।

🔸 अंतिम संस्कार से इंकार – “जब तक सख्त कार्रवाई नहीं, शव नहीं उठाएंगे”

आदिवासी समाज और परिजन दोनों का आरोप है कि:

  • जेल प्रशासन ने बड़ी जानकारी छुपाई
  • समय पर इलाज नहीं दिया गया
  • बिना बताए रायपुर शिफ्ट किया गया
  • मौत संदिग्ध है, हत्या की आशंका भी जताई गई है

समाज ने साफ कहा है कि “जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, हम शव नहीं लेंगे और अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे।”

🔸 जेल प्रशासन का दावा – इलाज के दौरान हुई मौत

रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री का कहना है कि जीवन ठाकुर की हालत गंभीर थी, इसलिए उन्हें रायपुर रेफर किया गया।

उन्होंने कहा कि मौत इलाज के दौरान हुई और मामले की दंडाधिकारी जांच कराई जाएगी।