The Duniyadari: दिल्ली- देश में संभावित लॉकडाउन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल पूरे देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संसदीय भाषण में कोरोना काल का जिक्र किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें तेज हो गई थीं।
दरअसल, प्रधानमंत्री ने संसद में वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के बीच देश को सतर्क रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह देश ने कोरोना संकट के दौरान एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया, उसी तरह भविष्य की परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना होगा। हालांकि, उन्होंने अपने पूरे संबोधन में लॉकडाउन का कहीं उल्लेख नहीं किया था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की चर्चा शुरू हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने बुधवार को इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरकार ने साफ किया कि आम नागरिकों की गतिविधियों या आर्थिक गतिविधियों पर किसी प्रकार की रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
इधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस बुकिंग नियमों में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि गैस सिलेंडर बुकिंग का अंतराल बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, तो इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन या अलर्ट जैसी चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं, लेकिन यदि ऐसी स्थिति बनती भी है तो लोग पहले की तरह मिलकर उसका सामना करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों का असर लंबे समय तक रह सकता है, इसलिए देश को धैर्य और संयम के साथ तैयार रहने की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री जल्द ही चुनावी राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उससे संभावित प्रभावों को लेकर राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। यह पहली बार होगा जब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।















