The Duniyadari: लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पेश किया गया बजट दिशाहीन है और देश को 2047 तक विकसित बनाने का कोई स्पष्ट रोडमैप इसमें नजर नहीं आता। उनके मुताबिक बजट में पिछड़े, दलित, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ आम जनता, गरीबों और किसानों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई और टैक्स में राहत न मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मध्यम वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक विकास दर सीमित रहने और निजी निवेश कम आने से लोगों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग पर भी उन्होंने चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि बजट में उत्तर प्रदेश के लिए कोई बड़ी या विशेष योजना दिखाई नहीं देती। राज्य के बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों और एक्सप्रेस-वे निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने अयोध्या, वाराणसी और अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने बेरोजगारी, अधूरी योजनाओं और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और कहा कि कई सरकारी योजनाएं जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही हैं।
































