विलाईखुर्द क्रमांक–1 के ग्रामीणों के हक में उतरे पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एसईसीएल पर पुनर्वास नीति की अनदेखी का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

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The Duniyadari : कोरबा | 21 जनवरी माविकपुर माइंस विस्तार परियोजना को लेकर विलाईखुर्द क्रमांक–1 के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा पुनर्वास और मुआवजा नीति का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे सैकड़ों परिवारों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने दो दिन पूर्व पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल वर्ष 2023 में किए गए पुराने सर्वे को आधार बनाकर पात्र परिवारों की सूची तैयार कर रहा है, जबकि इसके बाद बड़ी संख्या में वैध आवास निर्माण, पारिवारिक विस्तार और नामांतरण हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पुराने आंकड़ों के सहारे वर्तमान में प्रभावित वास्तविक परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास से वंचित करने की साजिश की जा रही है। इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए जयसिंह अग्रवाल ने तत्काल केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखकर एसईसीएल की कार्यशैली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष रूप से वर्तमान स्थिति के अनुसार पुनर्वास नीति लागू करने की मांग की।

इसके पश्चात पूर्व मंत्री स्वयं विलाईखुर्द पहुंचे, जहाँ 300 से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति में जनसभा आयोजित की गई। सभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि एसईसीएल की मनमानी पर रोक नहीं लगी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

जनसभा को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा—

“विकास के नाम पर किसी को बेघर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुनर्वास कोई दया नहीं, बल्कि प्रभावितों का अधिकार है। यदि अन्याय नहीं रुका, तो यह लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने सर्वे के आधार पर निर्णय लेना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि अमानवीय भी है। वर्तमान में जो परिवार वास्तव में प्रभावित हैं, उन्हें हर हाल में मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए।

जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे हर मंच पर उनके साथ खड़े रहेंगे और किसी भी कीमत पर उनके अधिकारों से समझौता नहीं होने देंगे।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि जयसिंह अग्रवाल केवल पदों की राजनीति करने वाले नेता नहीं, बल्कि ज़मीनी संघर्षों की मजबूत आवाज़ हैं। उनके नेतृत्व में विलाईखुर्द के ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद और संघर्ष का संबल मिला है।

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक जयसिंह अग्रवाल उनके साथ हैं, उन्हें अन्याय के खिलाफ लड़ने से कोई भय नहीं है।