Friday, March 20, 2026
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शंकराचार्य प्रकरण पर अखिलेश यादव का हमला, भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप

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The Duniyadari: लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका गया, उनके रथ को पुलिस ने जबरन हटाया और साथ चल रहे बटुकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही, उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की भी बात कही।

उन्नाव और कानपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य देश की आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं और उनका सम्मान सभी के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धार्मिक गुरु के साथ इस तरह का व्यवहार होता है तो समाज को उसके सम्मान की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जो भी भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके विरुद्ध प्रशासनिक माध्यमों से कार्रवाई की जाती है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या बोले

गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन कायम है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि व्यापक सामाजिक न्याय के लक्ष्य को लेकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्गों के सहयोग से नई राजनीतिक दिशा तय की जाएगी। उनका दावा था कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देगी और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने का कार्य करेगी।

स्लॉटर हाउस और गौ सेवा पर आरोप

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश में स्लॉटर हाउस के मुद्दे को उठाया और कहा कि जो लोग दूसरों पर आरोप लगाते हैं, वे पहले अपने राज्यों की स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्थापित दुग्ध परियोजनाओं को बंद किया गया और गौ सेवा से जुड़े बजट का सही उपयोग नहीं हो रहा।

ओबीसी-एससी-एसटी मंत्रियों को दी नसीहत

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार में शामिल ओबीसी, एससी-एसटी समुदाय के मंत्रियों को भेदभाव महसूस होता है तो उन्हें अपने आत्मसम्मान के लिए निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के विदेश दौरों और पुराने मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

सपा प्रमुख के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से अब तक इस बयान पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।