The Duniyadari :छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। उनके साथ बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे और महेश्वर पैकरा भी मौजूद रहे।
मुलाकात के बाद यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गया। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आरोप लगाया कि कवासी लखमा को पूर्व मुख्यमंत्री ने ही फंसाया है और एक निर्दोष आदिवासी नेता के साथ अन्याय हुआ है, जिसे पूरा प्रदेश देख रहा है।
बीजेपी के आरोपों पर भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं के बयानों से खुद सच्चाई सामने आ रही है। भूपेश बघेल के अनुसार, अगर कवासी लखमा को निर्दोष माना जा रहा है, तो फिर जांच एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रही हैं और मामला अब तक दर्ज क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार से जुड़े मामलों में अदालत ने निर्णय लिया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में कोई कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। वे फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शराब घोटाले से जुड़े इस मामले में उन्हें लगभग 64 करोड़ रुपये की अवैध राशि मिली थी।
इस मुलाकात और उसके बाद आए बयानों से साफ है कि शराब घोटाला केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासत और तेज होने के आसार हैं।














