The Duniyadari: बलौदाबाजार। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में आयोजित सद्गुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पंथश्री उदित मुनि नाम साहेब और पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब को चादर एवं श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने संत समागम समारोह के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की घोषणा की, जिसे लेकर कबीरपंथी समाज में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब ने कबीरपंथी समाज की ओर से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बसंत पंचमी के दिन कबीर पंथ के 16वें वंशाचार्य पंथश्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर-तिलक विधिवत संपन्न हुआ है। इस बार देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी संत और अनुयायी समागम में पहुंचे हैं, जिसे शासन-प्रशासन का पूरा सहयोग मिला।
मुख्यमंत्री साय ने माघ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दामाखेड़ा का संत समागम हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है, जो लोगों की बढ़ती आस्था को दर्शाता है। कबीर पंथ का छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन पर गहरा प्रभाव है, इसी कारण प्रदेश के लोग शांतिप्रिय हैं और राज्य विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे प्रारंभ से ही कबीर पंथ से जुड़े रहे हैं और उनके गांव बगिया में भी कई कबीरपंथी परिवार निवास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने दामाखेड़ा को कबीर धर्मनगर के रूप में नामकरण को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि इसका राजपत्र प्रकाशन अंतिम चरण में है। उन्होंने नक्सलवाद पर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में बाधक यह समस्या 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। डबल इंजन सरकार का लाभ अब आम जनता तक तेजी से पहुंच रहा है और प्रदेश को विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य तय समय में पूरा किया जाएगा।
समारोह में पंथश्री उदित मुनि नाम साहेब, गुरुगोसांई भानुप्रताप साहेब, विधायक भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी भावना गुप्ता सहित सद्गुरु कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में कबीरपंथी श्रद्धालु उपस्थित रहे।





























