The Duniyadari :दुर्ग। जिले के रानीतराई क्षेत्र में आयोजित साप्ताहिक बाजार में नकली नोट खपाने का चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दंपति को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में जाली नोट और उन्हें छापने का सामान बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरुण कुमार तुरंग और उसकी पत्नी राखी तुरंग के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को रानीतराई बाजार में कुछ व्यापारियों ने नकली नोट चलने की शिकायत दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। इसी दौरान सब्जी विक्रेता तुलेश्वर सोनकर ने बताया कि एक महिला और पुरुष ने उससे 60 रुपये की खरीदारी कर 500 रुपये का नोट दिया था, जो बाद में जांच करने पर नकली पाया गया।
जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने केवल एक दुकानदार को ही नहीं, बल्कि बाजार के कई अन्य व्यापारियों से भी इसी तरह जाली नोटों के जरिए खरीदारी की थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी इससे पहले पाटन साप्ताहिक बाजार में भी नकली नोट चला चुके हैं।
पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में अरुण कुमार तुरंग ने कबूल किया कि वह घर पर ही कलर प्रिंटर और फोटो कॉपी मशीन की मदद से नकली नोट तैयार करता था। उसने असली 500 रुपये के नोट की फोटो कॉपी कर जाली नोट छापने और फिर उन्हें काटकर बाजारों में चलाने की बात स्वीकार की।
आरोपी के बताए अनुसार पुलिस ने ग्राम सोनपैरी, मुजगहन (जिला रायपुर) स्थित उसके घर पर छापेमारी की, जहां से 500, 200 और 100 रुपये के कुल 1 लाख 65 हजार 300 रुपये के नकली नोट, कलर फोटो कॉपी मशीन और कागज बरामद किए गए। मौके से जब्त 5200 रुपये को मिलाकर कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये के नकली नोट जब्त किए गए हैं।
इस मामले में थाना रानीतराई में अपराध क्रमांक 123/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नकली नोटों के नेटवर्क में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे लेन-देन के दौरान नोटों की सावधानीपूर्वक जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस कार्रवाई से बाजारों में नकली नोटों के कारोबार पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।














