The Duniyadari : तखतपुर। जनपद पंचायत की आज प्रस्तावित सामान्य सभा उस समय स्थगित हो गई जब अध्यक्ष समेत सभी 25 निर्वाचित सदस्यों ने बैठक का सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने बैठक शुरू होने से पहले ही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की कार्यशैली पर गंभीर असंतोष जताया।

जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर मनमानी की जा रही है और विकास कार्यों व योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा न तो बैठक में गंभीरता दिखाई जा रही है और न ही लिए गए निर्णयों पर अमल हो रहा है।
अध्यक्ष डॉ. माधवी संतोष वस्त्रकार ने कहा कि कई बार आय-व्यय का विवरण मांगे जाने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी कारण अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों ने बैठक के बहिष्कार का निर्णय लिया।

जनपद उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि अनेक महत्वपूर्ण कार्य बिना जनप्रतिनिधियों की जानकारी के स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी स्वयं बैठक में उपस्थित होने के बजाय प्रतिनिधि भेजकर कोरम पूरा कर लेते हैं, जिससे जन आकांक्षाओं की अनदेखी हो रही है।
विधायक प्रतिनिधि प्रमोद ठाकुर ने भी जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को जायज बताते हुए कहा कि अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए और मांगी गई वित्तीय जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
वहीं, सीईओ सत्यव्रत तिवारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जनपद पंचायत के सभी कार्य शासन के नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं और किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन बहिष्कार के कारण यह संभव नहीं हो सका।
जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि जब तक सीईओ को हटाकर व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक बैठकों में भाग नहीं लिया जाएगा। बैठक बहिष्कार के बाद जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।














