The Duniyadari: आगरा। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों के बीच एक पीड़ित परिवार पिछले 99 दिनों से न्याय की आस में खुले आसमान के नीचे बैठा है। मामला 15 अप्रैल 2025 का है, जब किरावली विद्युत उपकेंद्र पर ड्यूटी के दौरान 38 वर्षीय संविदाकर्मी पेट्रोलमैन रवि सोलंकी की करंट लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद विभागीय लापरवाही के आरोप भी सामने आए थे।
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पेंशन और एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया था। हालांकि अब तक परिवार को केवल 7.5 लाख रुपये ही मिले हैं। न तो शेष राशि दी गई और न ही नौकरी या पेंशन की प्रक्रिया पूरी हुई।
न्याय की मांग को लेकर मृतक की बुजुर्ग मां और पत्नी अपने बच्चों के साथ धरने पर बैठी हैं। सर्द मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका आंदोलन जारी है। परिजनों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इधर प्रशासनिक स्तर पर भी पत्राचार हुआ है। आगरा के जिलाधिकारी अरविंद बंगारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन परिवार का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आश्वासन दिए गए थे तो उन्हें समय पर पूरा किया जाना चाहिए था। अब देखना यह है कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कब तक राहत देता है और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होती है या नहीं।































