Tuesday, May 12, 2026
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हाईकोर्ट का सख्त निर्देश: कर्मचारियों को 2008 से नियमित मानकर दें पूरा वेतन

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The Duniyadari: Bilaspur– छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बिलासपुर को कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को कहा है कि कर्मचारियों को जल्द नियमित पद के अनुसार वेतन भुगतान किया जाए। यह मामला लंबे समय से चल रहे नियमितीकरण विवाद और कोर्ट के आदेश न मानने से जुड़ी अवमानना याचिका का है।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट में बताया कि हाईकोर्ट ने 6 मार्च 2023 को आदेश दिया था कि कर्मचारियों को नियमित माना जाए। उनकी सेवाओं का नियमितीकरण 26 अगस्त 2008 से प्रभावी होगा और उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसे सभी लाभ दिए जाएं।

*सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली यूनिवर्सिटी को*

यूनिवर्सिटी ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी और पुनर्विचार याचिका लगाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने आदेश का पूरा पालन नहीं किया।

सुनवाई में यूनिवर्सिटी के वकील ने कहा कि कर्मचारियों का नियमितीकरण कर दिया गया है। लेकिन कुछ दस्तावेजों का सत्यापन बाकी है। यूनिवर्सिटी का दावा है कि कर्मचारियों से दस्तावेज मांगे गए थे, मगर उन्होंने नहीं दिए। इस वजह से लाभ देने में देरी हुई।

*कर्मचारियों का आरोप: आदेश ही नहीं दिया गया*

इस पर याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संबंधित आदेश और पत्राचार कर्मचारियों को दिए ही नहीं गए। यूनिवर्सिटी नियमितीकरण का दावा कर रही है, लेकिन आज तक नियमित पद का वेतन नहीं दिया गया।

कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 15 दिन में पूरी की जाए। जो कर्मचारी नियमित पद पर काम कर रहे हैं, उन्हें उसी पद के हिसाब से वेतन दिया जाए।