✍️ नरेन्द्र मेहता, कोरबा
कोरबा: जनता कांग्रेस छतीसगढ़ (जोगी) के सुप्रीमो अमित जोगी कोरबा जिले की सामान्य सीट कटघोरा जो उनके चुनाव के लिए सबसे सुरक्षित बताई जा रही थी वहां से चुनाव न लड़ पाटन विधानसभा से नामांकन दाखिल कर दिया हैं। मास्टर माइंड जूनियर जोगी का पाटन से चुनाव लड़ना भाजपा और जोगी कांग्रेस की सोची समझी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता हैं।हालांकि इस संबंध में खुलासा नहीं हुआ हैं कि पाटन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पटखनी देने दो दलों का अंदर ही अंदर मिलन हो चुका हैं।
छतीसगढ़ की सर्वाधिक हाई प्रोफाइल सीट पाटन से भाजपा ने सांसद विजय बघेल को मैदान में मुख्यमंत्री की घेराबंदी करने उतारा हैं। जूनियर जोगी का अंतिम समय मे पाटन जाकर सबको चौकाने वाला इसलिए लगता हैं क्योंकि अब तक चर्चा में यह बात आ रही थी कि जोगी परिवार से कोई भी दो सदस्य चुनाव लड़ेंगे। छतीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी की धर्मपत्नी डॉ. रेणु जोगी और बहू ऋचा जोगी क्रमशः कोटा और अकलतरा सीट पर जोगी कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगे औऱ प्रत्याशी भी धोषित कर दिया गया हैं।इसलिए अमित के विधानसभा चुनाव में लड़ने की संभावना कम हो गई हैं।संभवतः इसी वजह से जोगी कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट कटघोरा होते हुए भी उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं तक को यह कहा था. उनके ऊपर जोगी कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशियों के प्रचार की बडी जिम्मेदारी हैं।उनकी बातों से यही अनुमान लगाया गया कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और जोगी कांग्रेस के लिए स्टार प्रचारक की भूमिका निभाएंगे।जोगी कांग्रेस ने पहली बार करीब 60 विधानसभा सीट से अपने दमदार उम्मीदवार उतारे हैं।एकाएक पार्टी का बड़ी तेजी से उभरना भी चर्चा का विषय इसलिए बना हुआ हैं क्योंकि 15 साल सत्ता सुख भोगने वाली भाजपा कई तिकड़मों में छतीसगढ़ में काम कर रही हैं ताकि वह फिर से सत्ता में वापसी कर सके।भाजपा औऱ जोगी कांग्रेस के संबंधों का खुलासा तो नहीं हुआ हैं लेकिन जीतने मुंह उतनी चर्चा हो रही हैं।
रिश्ते में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल चाचा भतीजा हैं.
पाटन सीट चाचा भतीजे के नाम की घोषणा के बाद से ही इसे हॉट सीट माना जा रहा था। इसके बीच ही जनता कांग्रेस के दिग्गज नेता अमित जोगी के रण में उतरने की खबर सामने आ गई है। जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी ने नामांकन दाखिल कर इस सीट के मुकाबले को त्रिकोणीय एंगल दे दिया है। इससे पहले खबर आ रही थी कि वे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन पाटन से नामांकन भरते ही राजनीतिक गलियारों का बाजार गरमा गया है।































