Saturday, March 14, 2026
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37 करोड़ डूबे, जनता प्यास से बेहाल “मटका फोड़कर जताया विरोध, कहा– अब उग्र होगा आंदोलन”

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The Duniyadari :खैरागढ़। चारों तरफ झमाझम बरसात हो रही है, नदियाँ और तालाब पूरे उफान पर हैं, मगर शहर की बस्तियों में लोगों को पीने की एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रही। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि वार्ड क्रमांक 19 नया टिकरापारा के रहवासी मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने सीएमओ दफ्तर के सामने मटका फोड़कर अपना विरोध जताया और नगर पालिका व सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।

वार्डवासियों का कहना है कि महीनों से शिकायत की जा रही है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जुलाई में भी आवेदन दिया गया था, मगर सुनवाई नहीं हुई। महिलाएँ और बच्चे रोज़ाना पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द पानी की टंकी का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा। लोगों ने यह भी बताया कि पानी के साथ-साथ बिजली के जर्जर खंभे और गंदगी से भरी नालियाँ भी मोहल्ले की बड़ी समस्या हैं।

37 करोड़ की अधूरी योजना बनी सिरदर्द

इस संकट की जड़ करीब दस साल पुरानी योजना है, जिसके लिए 37 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। योजना के मुताबिक छिंदारी डेम (रानी रश्मिदेवी जलाशय) से पाइपलाइन के जरिये शहर तक पानी पहुंचाना था। काम शुरू तो हुआ, लेकिन आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। करीब दो साल पहले नगर पालिका ने गलियों और सड़कों की खुदाई कर पाइपलाइन डाल दी, जिससे लोगों को धूल और हादसों का सामना करना पड़ा। उम्मीद थी कि अब स्वच्छ पानी मिलेगा, लेकिन आज तक उन पाइपों से पानी की एक बूंद नहीं आई।

लोगों का आरोप है कि अधिकारियों ने पहले डेम से मुख्य पाइपलाइन बिछाने के बजाय सीधे शहर में पाइप डाल दिए। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी खैरागढ़ के बाशिंदे बुनियादी सुविधा से वंचित हैं और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।