Monday, August 24, 2026
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सख्त कार्रवाई का असर, अवैध रेत भंडारण की नीलामी से 7 करोड़ 41 लाख का राजस्व प्राप्त

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The Duniyadari : महासमुंद। जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कलेक्टर विनय लंगेह की सख्त कार्रवाई रंग ला रही है। प्रशासन द्वारा जब्त की गई अवैध रेत की पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप शासन को 7 करोड़ 41 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह कदम जिले में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बरबसपुर, घोड़ारी, बड़गांव और बिरकोनी क्षेत्रों में सरकारी और निजी भूमि पर अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त किया था। इसके बाद ड्रोन सर्वे के माध्यम से रेत की वास्तविक मात्रा का निर्धारण किया गया, जिसमें 2,61,323 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण सामने आया।

4 जुलाई 2025 को इस संबंध में दावा-आपत्ति के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया, लेकिन भंडारणकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी ड्रोन सर्वे के आंकड़ों से मेल नहीं खाई। ऐसे में सभी आपत्तियों को खारिज कर जब्त रेत की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रशासन ने जब्त रेत को 10 ब्लॉकों में विभाजित कर पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से नीलामी की। इनमें बरबसपुर-ए, बरबसपुर-बी, बरबसपुर-सी, घोड़ारी-डी, बड़गांव-ई, एफ, जी, बिरकोनी-एच, आई और जे ब्लॉक शामिल रहे। नीलामी से कुल 7,41,05,706 रुपए का राजस्व शासन को प्राप्त हुआ।

कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि खनिज विभाग की टीम आगे भी विशेष अभियान चलाकर नियमित जांच करती रहेगी ताकि खनिज संसाधनों का वैधानिक और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।