The Duniyadari : कोरबा, 22 दिसंबर। बनमंडल कोरबा के कोलगा क्षेत्र में कूप कटाई के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल साफ किए जाने का आरोप अब प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है। वन विभाग और ग्रामीणों के बीच चल रहा यह विवाद सोमवार को उस समय और गहरा गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला प्रशासन के साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि कथित कूप कटाई से क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उनका आरोप है कि कटाई की वजह से कोलगा गुफा जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के स्थल को भी खतरा पैदा हो गया है। इसी को लेकर हाल ही में ग्रामीणों और वन विभाग की टीम के बीच तनातनी की स्थिति बनी थी, जिसमें ग्रामीणों ने कटाई में इस्तेमाल हो रहे औजार अपने कब्जे में ले लिए थे।
इस घटना के बाद वन विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर करीब 50 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इससे इलाके में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अवैध कटाई के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, न कि किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे।
कोलगा के जनप्रतिनिधियों के साथ जनदर्शन पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से दर्ज मामलों को वापस लेने और कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीण चंद्रशेखर सहित अन्य लोगों ने बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र में कोयला सर्वेक्षण को लेकर विवाद हो चुका है और वे जंगल को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि का विरोध करते रहेंगे।
दूसरी ओर, वन विभाग का दावा है कि संबंधित क्षेत्र में उच्च अधिकारियों की अनुमति से केवल अनुपयोगी पेड़ों की कटाई की जा रही है और पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत है। विभाग ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।
फिलहाल यह मामला जिला प्रशासन और विभागीय स्तर पर विचाराधीन है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।














