The Duniyadari : जांजगीर-चांपा। जिले की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक बालेश्वर साहू को धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। करोड़ों रुपये के लेन-देन और दस्तावेजी गड़बड़ी से जुड़े प्रकरण में अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका नामंजूर कर दी।
प्रकरण की पृष्ठभूमि
यह मामला सारागांव थाना क्षेत्र के ग्राम परसापाली निवासी राम कुमार शर्मा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विधायक बालेश्वर साहू और उनके सहयोगी गौतम राठौर ने मिलकर करीब 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए।
पुलिस कार्रवाई और धाराएं
जांच के आधार पर 3 अक्टूबर 2025 को चांपा थाने में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने विधायक और उनके सहयोगी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में मामला कायम किया।
अदालत में सुनवाई
9 जनवरी 2026 को पुलिस ने विवेचना पूरी कर प्रकरण की चार्जशीट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में पेश की। चालान स्वीकार होते ही अदालत ने आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर दिया। इस दौरान विधायक की ओर से नियमित जमानत की मांग की गई, लेकिन न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
हिरासत और जेल
जमानत खारिज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विधायक बालेश्वर साहू को हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि विधायक और उनके सहयोगी के खिलाफ आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विधायक की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। समर्थकों में निराशा का माहौल है, जबकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण बता रहा है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।












