मनरेगा में बदलाव पर कांग्रेस का हमला, बोली— गरीबों से छीना जा रहा काम का अधिकार

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The Duniyadari : कोरबा। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए हालिया संशोधनों को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। शुक्रवार 10 जनवरी 2026 को आयोजित पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर रही है, जिससे देश के करोड़ों गरीब और श्रमिक परिवारों का रोजगार संकट में पड़ गया है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए कोरबा जिला प्रभारी एवं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा एक ऐसा कानून था, जिसमें केंद्र सरकार की 90 प्रतिशत हिस्सेदारी होती थी। अब इसे 60:40 के फार्मूले में बदलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों पर भारी दबाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति और बिगड़ेगी तथा आने वाले समय में मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार राज्यों पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना चाहती है। 40 प्रतिशत खर्च राज्यों से वसूलने की नीति का सीधा असर ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाले रोजगार पर पड़ेगा।

पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा अब तक संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत रोजगार की गारंटी देने वाली योजना थी, लेकिन नए ढांचे के बाद यह अधिकार नहीं, बल्कि सरकार की शर्तों पर आधारित योजना बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि अब मजदूर अपनी जरूरत के समय काम नहीं मांग पाएंगे, बल्कि उन्हें सरकार के निर्णय पर निर्भर रहना पड़ेगा।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, श्रम की गरिमा और विकेंद्रीकृत विकास की सोच का प्रतीक रही है। सरकार ने न केवल गांधीजी का नाम हटाया, बल्कि करीब 12 करोड़ मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों पर भी प्रहार किया है। नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए जीवन रेखा साबित हुई थी।

पत्रकारवार्ता में दावा किया गया कि 100 से 125 दिन रोजगार देने की घोषणाएं केवल दिखावा हैं। बीते 11 वर्षों में देश में मनरेगा के तहत औसतन मात्र 38 दिन का ही रोजगार मिला है। वहीं छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 70 प्रतिशत गांवों में काम न दिए जाने का आरोप भी लगाया गया।

कांग्रेस का कहना है कि नए सिस्टम के तहत सरकार को साल के कुछ समय रोजगार रोकने की खुली छूट मिल जाएगी। फंड की कमी या खेती के मौसम का बहाना बनाकर मजदूरों को महीनों तक काम से वंचित किया जा सकता है, जिससे गरीबों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा होगा।

पत्रकारवार्ता में पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया, पाली-तानाखार कांग्रेस प्रत्याशी दुलेश्वरी सिदार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिशंकर परसाई, जिला अध्यक्ष मनोज चौहान, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, नेता प्रतिपक्ष कृपा दास साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।