राजस्व वसूली में सुस्ती पर आयुक्त का सख्त रुख बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक होंगे, संपत्तियों पर लगेगा ताला

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The Duniyadari :कोरबा | 15 जनवरी 2026 नगर पालिक निगम कोरबा में कर वसूली की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने राजस्व विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन बड़े बकायादारों ने अब तक निगम का बकाया कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उनकी संपत्ति, भवन और दुकानों को सील करने के साथ-साथ उनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।

निगम के साकेत स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने संपत्तिकर, जलकर, समेकित कर, शिक्षा उपकर तथा भवन-दुकान किराया जैसे विभिन्न राजस्व स्रोतों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। जोन और वार्ड स्तर पर वसूली की स्थिति देखकर उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि निगम की विकास योजनाएं और नागरिक सुविधाएं तभी सुचारू रूप से चल सकती हैं, जब करदाताओं से समय पर राजस्व प्राप्त हो। वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि पुराने बकायों के साथ-साथ चालू वर्ष की कर राशि की भी सतत वसूली सुनिश्चित की जाए।

बकाया रखने वाले ठेकेदारों पर भी गिरेगी गाज

समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि निगम से जुड़े कुछ ठेकेदार स्वयं कर बकाया रखते हुए निगम से भुगतान प्राप्त कर रहे हैं। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि ऐसे बकायादार ठेकेदारों को भविष्य में निगम की निविदा प्रक्रिया से बाहर किया जाए।

शहरवासियों से अपील

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने करदाताओं से अपील की कि वे स्वेच्छा से अपने बकाया और वर्तमान कर का भुगतान समय पर करें, ताकि शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं में कोई बाधा न आए।

बैठक में अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त नीरज कौशिक, राजस्व अधिकारी अनिरुद्ध सिंह सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।