महिला डीएसपी–कारोबारी विवाद: 1475 पन्नों की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले पहलू उजागर

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The Duniyadari : रायपुर:छत्तीसगढ़ में चर्चाओं में रहे महिला डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा कराई गई विस्तृत जांच पूरी कर ली गई है। करीब 1475 पन्नों की यह रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपे जाने की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में कई गंभीर और संवेदनशील बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

जांच के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुई कथित व्हाट्सएप बातचीत सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन चैट्स में पुलिस विभाग से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के आदान–प्रदान के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि कुछ जानकारियां माओवादी गतिविधियों से प्रभावित इलाकों से संबंधित भी हो सकती हैं। कानून विशेषज्ञों की मानें तो इस प्रकार की सूचनाओं का साझा किया जाना अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

लव ट्रैप और करोड़ों की वसूली का आरोप

कारोबारी दीपक टंडन ने महिला डीएसपी पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2021 से उन्हें कथित रूप से ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर लगभग 2.5 करोड़ रुपये की वसूली की गई। आरोपों में करीब 2 करोड़ रुपये नकद, एक महंगी लग्जरी कार, 12 लाख रुपये की हीरे की अंगूठी, लगभग 5 लाख रुपये के सोने के गहने और अन्य कीमती उपहार शामिल बताए गए हैं। कारोबारी का दावा है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार और ज्वेलरी अब तक उन्हें वापस नहीं मिली है।

इसके अलावा डीएसपी के भाई के नाम पर होटल व्यवसाय शुरू कराने के बहाने भी करोड़ों रुपये लिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस पहलू की अलग से जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।

डीएसपी ने सभी आरोपों से किया इनकार

वहीं, डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन्हें निराधार, झूठा और उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही हैं और सच सामने आएगा।

फिलहाल, पुलिस स्तर पर जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मंगलवार को डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन की अदालत में पेशी प्रस्तावित है, जहां दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। अब सबकी निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं, जो जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।