The Duniyadari : रायपुर।छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दंतेवाड़ा में पदस्थ रही डीएसपी कल्पना शर्मा (वर्मा) और एक होटल कारोबारी के बीच कथित लेन-देन और नजदीकी रिश्तों को लेकर गंभीर खुलासे सामने आए। रायपुर पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद यह रिपोर्ट गृह विभाग को भेज दी गई है, जिसमें नियमों के उल्लंघन और आचरण संहिता तोड़ने के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
12 लाख की डायमंड रिंग से शुरू हुआ मामला
जांच में सामने आया कि संबंधित कारोबारी ने डीएसपी को करीब 12 लाख रुपये की डायमंड रिंग उपहार में दी थी। इसके अलावा सोने के गहने, लग्जरी कार और महंगे मोबाइल फोन भी दिए जाने की पुष्टि हुई है। यह सभी उपहार सरकारी सेवा नियमों के तहत घोषित और अनुमति योग्य श्रेणी में आते हैं, लेकिन इनकी न तो विभागीय अनुमति ली गई और न ही जानकारी साझा की गई।
करोड़ों के खर्च और कारोबारी लेन-देन
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कारोबारी द्वारा डीएसपी पर करीब दो करोड़ रुपये तक खर्च किए जाने के प्रमाण मिले हैं। डीएसपी जिस वाहन का उपयोग कर रही थीं, वह कारोबारी के नाम पर दर्ज पाया गया। इतना ही नहीं, दोनों के बीच आर्थिक लेन-देन और व्यक्तिगत संपर्क लंबे समय तक बने रहे।
नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक होने का शक
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जांच में संकेत मिले हैं कि कारोबारी तक नक्सल ऑपरेशन और पुलिस गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां भी पहुंची थीं। रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है कि कुछ सूचनाएं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों से बाहर लीक हुईं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं।
होटल के भीतर का वीडियो बना जांच की अहम कड़ी
कारोबारी के होटल के भीतर का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला और गहराया। आरोप है कि वीडियो में जांच अधिकारियों से संबंधित बातचीत दर्ज है। उस समय तत्कालीन टीआई द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, बल्कि कथित तौर पर समझौता करा दिया गया। इसके बदले 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी रिपोर्ट में दर्ज है, जिसमें 10 लाख टीआई और 5 लाख कारोबारी को दिए जाने की बात सामने आई।
रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को भेजी गई
पूरी जांच के बाद रायपुर से तैयार 1480 पन्नों की रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि डीएसपी ने उपहार स्वीकार करने, निजी संबंध रखने और जानकारी साझा करने के मामलों में सेवा नियमों का पालन नहीं किया।
विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच और सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं अन्य पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी अलग से समीक्षा हो सकती है।
यह मामला न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पद और प्रभाव का दुरुपयोग किस तरह सिस्टम की जड़ों को कमजोर कर सकता है।















