The Duniyadari : बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है, जिसने इंसानी रिश्तों, मानसिक तनाव और अंधविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों ने पहले साथ मरने का फैसला किया था, लेकिन अंतिम क्षणों में पति ने पत्नी की जान ले ली और खुद बच्चों का बहाना बनाकर पीछे हट गया।
यह मामला राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुरका का बताया जा रहा है। आरोपी पति रामदिल लंबे समय से पेट और पैरों की गंभीर पीड़ा से जूझ रहा था। अस्पतालों में इलाज के बावजूद जब राहत नहीं मिली, तो वह और उसकी पत्नी झाड़-फूंक और तांत्रिक उपायों के चक्कर में फंस गए। लगातार बीमारी, निराशा और मानसिक दबाव के चलते दोनों ने मिलकर जीवन समाप्त करने का निर्णय ले लिया।
जानकारी के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 को दंपती इलाज के बहाने घर से निकले थे। उनके पास जहर भी था, जिससे दोनों आत्महत्या करने वाले थे। लेकिन रास्ते में यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि पहले कौन जहर पिएगा। इसी बात को लेकर तनाव बढ़ा और हालात बेकाबू हो गए। इसी दौरान रामदिल ने अचानक पत्नी पर हमला कर दिया और उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी कुछ देर तक खुद भी आत्महत्या करने की सोचता रहा, लेकिन तभी उसे अपने बच्चों की याद आ गई। उसने फैसला किया कि वह जिंदा रहेगा और पत्नी के शव को पास के गन्ने के खेत में फेंककर घर लौट आया। यह दिल दहला देने वाली घटना करीब दो दिन तक छिपी रही।
दो दिन बाद आरोपी ने अपने छोटे भाई को पूरी घटना बता दी। भाई की सूचना पर पुलिस हरकत में आई। राजपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गन्ने के खेत से महिला का शव बरामद किया, जो सड़-गल चुका था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत गला दबाने से हुई है।
पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने वारदात को लेकर किसी तरह का पश्चाताप भी नहीं जताया। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह घटना केवल एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज में फैले अंधविश्वास, झाड़-फूंक और मानसिक तनाव के खतरनाक परिणामों को भी उजागर करती है। जिस पत्नी ने पति के कठिन समय में उसका साथ दिया, वही अंततः उसकी हिंसा का शिकार बन गई। घटना के बाद गांव में डर और शोक का माहौल है, वहीं लोग आरोपी की क्रूरता से स्तब्ध हैं।















