पुलिस कमिश्नरी लागू होते ही सख्ती, रायपुर वेस्ट जोन में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

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The Duniyadari : रायपुर, 31 जनवरी। पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर में अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। वेस्ट जोन में पहली बड़ी कार्रवाई के तहत एक महिला प्रधान आरक्षक को निलंबित किया गया है, जबकि अवैध वसूली की शिकायत पर एक सिपाही को लाइन अटैच किया गया है।

कबीरनगर थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू को गंभीर आरोपों के चलते निलंबन का सामना करना पड़ा है। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान आरोपी पक्ष से कथित लेन-देन और पीड़ित परिवार को परेशान करने की शिकायत सामने आई थी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी करते हुए उन्हें रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रकरण भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है तथा विवेचना के दौरान प्रधान आरक्षक का आचरण पुलिस नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।

इधर, गंज थाना क्षेत्र में भी एक अन्य मामला सामने आया, जहां छोटे व्यापारियों ने थाने में पदस्थ सिपाही केशव सिन्हा पर मारपीट, गाली-गलौज और अवैध वसूली के आरोप लगाए। शिकायत पुलिस कमिश्नर तक पहुंचते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिपाही को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया।

डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने बताया कि नाबालिग से जुड़े गंभीर प्रकरण में आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच अधिकारी पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था के तहत यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।