केंद्रीय बजट 2026-27: रोजगार, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा दांव, ‘विकसित भारत’ की तेज रफ्तार

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The Duniyadari : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करते हुए विकास, रोजगार और निवेश को गति देने का स्पष्ट रोडमैप रखा। आर्थिक सर्वे 2025-26 में करीब 7 प्रतिशत वृद्धि के संकेत के बीच सरकार ने बजट में पूंजीगत निवेश, सुधारों की निरंतरता और युवा शक्ति पर भरोसा जताया।

वित्त मंत्री ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं और ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ विकास व रोजगार सृजन के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। बजट में छह प्रमुख क्षेत्रों—चैंपियन MSME, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, सिटी इकोनॉमिक रीजन, इंफ्रास्ट्रक्चर, दीर्घकालिक सुरक्षा और रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग—पर केंद्रित हस्तक्षेप का प्रस्ताव है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी:

FY27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है। शहरों के बीच विकास सेतु के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी सहित) की घोषणा की गई। अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत इकोसिस्टम, ग्रीन ट्रांसपोर्ट और कार्गो के पर्यावरण-अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के प्रस्ताव रखे गए।

MSME और फाइनेंसिंग:

MSME को मजबूती देने के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड, GeM को TReDS से जोड़ना और TReDS को अनिवार्य निपटान प्लेटफॉर्म बनाना शामिल है। इससे MSME को सस्ती और समय पर फंडिंग मिलने की उम्मीद है।

मैन्युफैक्चरिंग और रणनीतिक सेक्टर:

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर ₹40,000 करोड़, दुर्लभ खनिज कॉरिडोर, तीन समर्पित केमिकल पार्क, हाई-टेक टूल रूम और ₹10,000 करोड़ की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना की घोषणा की गई। वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना और मेगा टेक्सटाइल पार्क का प्रस्ताव भी रखा गया।

बायोफार्मा, स्वास्थ्य और आयुष:

भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना लाई गई। तीन नए फार्मा संस्थान, CDSCO को सशक्त करने, नए AHP संस्थान और पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की योजना का ऐलान हुआ। आयुष सेक्टर में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और WHO के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को मजबूती दी जाएगी।

सेवा क्षेत्र, युवा और समावेशी विकास:

सरकार ने सेवा क्षेत्र को फिर से गति देने, शिक्षा से रोजगार तक की कड़ी मजबूत करने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाने और 2047 तक वैश्विक सेवा हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हर जिले में गर्ल हॉस्टल, ग्रामीण विकास, खेल उद्योग और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में सरकार ने सुधारों की निरंतरता, रिकॉर्ड इंफ्रा खर्च, MSME सशक्तिकरण और रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग के जरिए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेज करने का स्पष्ट संदेश दिया है।