The Duniyadari: वाराणसी में एक धार्मिक मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने 40 दिनों के दिए गए अल्टीमेटम में से 20 दिन बीत जाने के बाद कहा है कि गोरक्षा जैसे मूल धार्मिक विषय पर सरकार की ओर से ठोस पहल दिखाई नहीं दी है।
संत समाज से खुलकर सामने आने का आह्वान
शंकराचार्य ने कहा कि सन्यास और सार्वजनिक पद की मर्यादा पर भी गंभीर मंथन की आवश्यकता है। उनके अनुसार, गेरुआ वस्त्र धारण करने वाले किसी भी संन्यासी के लिए ऐसे किसी भी कार्य या नीति से जुड़ना, जिसका संबंध मांस व्यापार से हो, धर्मशास्त्र की दृष्टि से प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने अखाड़ों, महामंडलेश्वरों और महंतों से आग्रह किया कि वे शास्त्र सम्मत आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
प्रतीकात्मक कदम बनाम ठोस निर्णय
अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि फिल्म को टैक्स फ्री करने जैसे निर्णय प्रतीकात्मक हो सकते हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगें—गाय को राज्य माता का दर्जा और गोमांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध—अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि गोरक्षा के लिए नीतिगत और संवैधानिक पहल अपेक्षित है।
पशुगणना के आंकड़ों पर उठाए सवाल
शंकराचार्य ने केंद्र सरकार की 20वीं पशुगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में गोवंश की संख्या में कमी आई है, जबकि पश्चिम बंगाल में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मांस निर्यात और नीतिगत विरोधाभास
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख मांस निर्यातक राज्यों में शामिल है और इसे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति से जोड़ा गया। उनके अनुसार, यदि सरकार गोरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है तो नीतियों में भी उसका स्पष्ट प्रतिबिंब दिखना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की दिशा
बीते दिनों राज्य सरकार के कुछ प्रतिनिधियों और नेताओं ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, शंकराचार्य का कहना है कि यह मुद्दा अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है और संत समाज को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
यह पूरा प्रकरण धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में सरकार और संत समाज के बीच संवाद की दिशा इस विवाद की आगे की स्थिति तय करेगी।































