The Duniyadari: सक्ती। जिले का टोल प्लाजा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। वाहन चालकों से कथित अवैध वसूली और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आने के बाद मामला सीधे कलेक्टर तक पहुंचा। शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने बिना पूर्व सूचना के टोल प्लाजा का औचक निरीक्षण किया।

जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। मौके की स्थिति देखकर कलेक्टर ने संचालक को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राथमिक जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं और संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पत्र भी जारी किया जा रहा है।
सुविधाओं को लेकर भी लापरवाही उजागर
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि टोल प्लाजा पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) के दिशा-निर्देशों के अनुसार टोल प्लाजा पर पेयजल, शौचालय, एम्बुलेंस, टोइंग वाहन सहित कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
हालांकि टोल प्लाजा के मैनेजर जयंत पांडे का बयान चौंकाने वाला रहा। उनका कहना था कि उन्हें केवल टोल वसूली की जिम्मेदारी दी गई है, सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता में नहीं है। इस बयान ने नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टोल छूट पर भी खुलासा
टोल टैक्स में छूट को लेकर पूछे गए सवाल पर मैनेजर ने स्वीकार किया कि कुछ राजनीतिक व्यक्तियों को भी छूट दी जाती है, भले ही वे निर्धारित नियमों के दायरे में न आते हों। उन्होंने कहा कि ऐसा “करना पड़ता है”। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि छूट को लेकर मनमाने तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व हानि की आशंका है।
कलेक्टर ने पूरे मामले में एनएचएआई को विस्तृत रिपोर्ट भेजने और सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही है। फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
































