The Duniyadari: लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था से समझौता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती कर राजनीतिक दुर्भावना दिखाई जा रही है। उनका दावा है कि उन्हें पहले एनएसजी सुरक्षा प्राप्त थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा में बदलाव किन आधारों पर किया गया और इसकी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा मिलनी ही चाहिए। केवल संख्या बताकर सुरक्षा का दावा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानक व्यवस्था का पालन होना जरूरी है।
धार्मिक संतों के मुद्दे पर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान शंकराचार्य और बटुकों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी और यदि कोई चूक हुई तो सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक सच्चा योगी वही होता है जो दूसरों के दुख को अपना समझे। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि सरकार कानून और संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा से नाराज है और 2027 में समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक समर्थन मिलेगा। उनके अनुसार किसान, नौजवान, व्यापारी सहित विभिन्न वर्ग वर्तमान नीतियों से असंतुष्ट हैं और परिवर्तन चाहते हैं।































