The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड प्रदेश में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, राज्य के लगभग 65 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और शेष स्थानों पर कार्य तेजी से जारी है। कंपनी की योजना है कि अप्रैल से सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्री-पेड सिस्टम में स्थानांतरित कर दिया जाए।
पहले भुगतान, फिर बिजली
प्री-पेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी अनुमानित खपत के अनुसार पहले रिचार्ज कराना होगा। बैलेंस समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी। इस सिस्टम का उद्देश्य बकाया बिल की समस्या को खत्म करना बताया जा रहा है।
5 हजार से ज्यादा बकाया तो तुरंत कार्रवाई
जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं और बकाया राशि 5 हजार रुपये से अधिक है, उनके कनेक्शन को डिजिटल सिस्टम के जरिए तत्काल डिस्कनेक्ट किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि प्री-पेड मॉडल लागू होने के बाद ऐसी स्थिति कम हो जाएगी, क्योंकि बिना भुगतान बिजली उपलब्ध नहीं होगी।
आपातकालीन सुविधा भी उपलब्ध
आपात स्थिति में उपभोक्ता एक बार पांच दिनों के लिए विशेष सुविधा के तहत बिजली बहाल कर सकेंगे। भुगतान करने के बाद यह विकल्प दोबारा सक्रिय हो जाएगा।
मीटर बदलने से इंकार पर नोटिस
स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग न करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। तय समयसीमा के बाद भी असहयोग की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी विभागों पर भी बकाया
नगर निगम, कलेक्टोरेट, अस्पताल, जनपद पंचायत और जिला पंचायत जैसे कई सरकारी कार्यालयों पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया है। विभाग इन मामलों में भी सख्ती की तैयारी कर रहा है।
जिलों में प्रगति की स्थिति
राज्य के कई जिलों में मीटर बदलने का काम तेज गति से चल रहा है।
- राजनांदगांव डिवीजन में 1.24 लाख कनेक्शनों में से 81 हजार से अधिक में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
- डोंगरगांव क्षेत्र में 40 हजार में से 34 हजार मीटर बदले गए हैं।
- डोंगरगढ़ क्षेत्र में 67 हजार में से 44 हजार कनेक्शन स्मार्ट मीटर से जोड़े जा चुके हैं।
जिले में कुल 3.03 लाख बिजली कनेक्शन दर्ज हैं, जिनमें करीब 52 हजार कृषक उपभोक्ता शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि 70 प्रतिशत से अधिक कनेक्शन अब स्मार्ट मीटर से कवर हो चुके हैं।
निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन
इधर कलेक्टर ने प्रेस वार्ता में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावलियों के अंतिम प्रकाशन की जानकारी दी।
राजनीतिक हलचल भी बढ़ी
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी जिला सक्ती ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंडल स्तरीय बैठक आयोजित कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी।
































